Mango Jabir Bridg 1.8 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा होगा Mango Jabir Bridge , डीपीआर को तकनीकी मंजूरी, अब सरकार की प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार
Jamshedpur (Jharkhand) : मानगो को कपाली से जोड़ने वाले जाबिर पुल के निर्माण का रास्ता अब धीरे-धीरे साफ होता नजर आ (Mango Jabir Bridge) रहा है। करीब 20 वर्षों से इस पुल के निर्माण की मांग कर रहे स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने 57 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सरकार को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दी है।
प्रस्तावित पुल की लंबाई 11.8 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर होगी। डीपीआर को विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार से तकनीकी स्वीकृति भी मिल ( Mango Jabir Bridge) चुकी है। अब ग्रामीण विकास विभाग की प्रशासनिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डीपीआर को मिली तकनीकी मंजूरी, अब टेंडर की तैयारी
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने सितंबर की शुरुआत में कंसल्टेंट के माध्यम से पुल की डीपीआर तैयार कराई थी। इसके बाद इसे विभागीय मुख्यालय रांची भेजा गया। अधीक्षण अभियंता ने जांच के बाद तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी। तकनीकी मंजूरी के दस्तावेज संलग्न कर प्रस्ताव को जिला प्रशासन के माध्यम से ग्रामीण विकास विभाग के पास प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, पुल की अनुमानित लागत एक करोड़ रुपये से कम होने के कारण अधीक्षण अभियंता स्तर से तकनीकी स्वीकृति दी गई है। एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं में मुख्य अभियंता की तकनीकी स्वीकृति आवश्यक होती है।
प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने और संवेदक के साथ एग्रीमेंट होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। टेंडर के दौरान ही निर्माण पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की जाएगी। निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को ही मिलने की संभावना अधिक बताई जा रही है।
20 साल से उठ रही थी पुल निर्माण की मांग
मानगो और कपाली के बीच आवागमन को आसान बनाने वाले जाबिर पुल के निर्माण की मांग करीब दो दशक से की जा रही है। इसके बावजूद लंबे समय तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी। पिछले पांच वर्षों में स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई।
इस वर्ष की शुरुआत में मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने पुल पर रेलिंग लगवाई थी, लेकिन पहली ही बरसात में रेलिंग बह गई। इसके बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को पुल निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
बरसात में जानलेवा बन जाता है जाबिर पुल
वर्तमान में जाबिर पुल सड़क की तरह सपाट है। बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार पानी के बहाव का अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण बाइक और साइकिल सवार नाले में गिर चुके हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नया पुल बनने से मानगो और कपाली के बीच आवागमन सुरक्षित होगा और बरसात के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
इनकी भी सुनें
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता हमीरा सोरेन ने बताया कि जाबिर पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। इसके लिए डीपीआर तैयार कराई जा चुकी है और तकनीकी स्वीकृति भी मिल गई है। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें – Jamshedpur Diwali : जमशेदपुर में बिना लाइसेंस पटाखा बेचने वालों पर शिकंजा, सुंदरनगर में आधा दर्जन दुकानों की जांच




