Home > Crime > बारीडीह में साइकिल से स्कूल जा रहे एआईडब्ल्यूसी के छात्र को पीछे से तेज रफ्तार पल्सर सवार ने मारी टक्कर, छात्र की दर्दनाक मौत

बारीडीह में साइकिल से स्कूल जा रहे एआईडब्ल्यूसी के छात्र को पीछे से तेज रफ्तार पल्सर सवार ने मारी टक्कर, छात्र की दर्दनाक मौत

न्यूज़ बी रिपोर्टर, जमशेदपुर : जमशेदपुर में रफ्तार का कहर जारी है। शनिवार को फिर रफ्तार के चलते एक छात्र की जान चली गई। बारीडीह बस्ती के ओल्ड बारीडीह एआईडब्लूसी स्कूल जा रहे एक छात्र को पल्सर सवार युवक ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी। बताते हैं कि पल्सर की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक रही होगी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि साइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। साइकिल और छात्र टक्कर लगने के बाद काफी दूर जा गिरे। छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृत छात्र बारीडीह बस्ती के लोहिया पथ के रहने वाले विनोद प्रसाद का 11 वर्षीय बेटा आदित्य प्रसाद है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारीडीह बस्ती से आदित्य अपनी साइकिल से स्कूल जा रहा था। मर्सी अस्पताल के पास पीछे से आ रहे पल्सर सवार युवक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में छात्र की तो मौत हो गई। लेकिन पल्सर सवार युवक गाड़ी लेकर भाग निकला। घटनास्थल पर जुटे लोगों ने छात्र को फौरन एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर छात्र के परिजन भी एमजीएम अस्पताल पहुंचे। परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। गौरतलब है कि जमशेदपुर में इन दिनों रफ्तार का कहर हर तरफ बरपा है। कार और बाइक शहर के अंदर भीड़भाड़ वाले इलाके में भी 125 और 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाते देखे जाते हैं। ऐसे चालकों की सोच होती है कि जब वह तेज़ रफ़्तार गाड़ी चलाएंगे तो एक तो उनको रास्ता मिलता जाएगा। लोग अपने आप बचने के लिए हट जाएंगे और दूसरा अगर एक्सीडेंट होता है तो जिससे वह टकराएंगे उसी की मौत होगी। क्योंकि उनकी अपनी गाड़ी इतनी तेज रफ्तार में होती है। ‌ इस हादसे में भी वही हुआ पल्सर सवार युवक बच गया और साइकिल सवार छात्र की जान चली गई। प्रशासन और पुलिस कई साल से लोगों को इसी तरह मरते हुए देख रही है। सड़क पर तेज रफ्तार कार और बाइक दौड़ाने वालों पर कभी कार्रवाई नहीं होती। पुलिस के पास इतना समय नहीं है। प्रशासन के पास भी इतना समय नहीं है कि वह लोगों की जान बचाने के लिए कोई रणनीति तैयार करे। जमशेदपुर के जनप्रतिनिधि भी इसकी अनदेखी कर रहे हैं। उनके पास भी जीतने के बाद जन समस्याओं से हटकर अपने बहुत सारे काम हैं। इनमें वह व्यस्त चल रहे हैं। जनता हादसों में एक एक कर मर रही है।कोई पुरसाने हाल नहीं है।

Leave a Reply