Jamshedpur Custodial Death: गुरुवार देर शाम तक मामले का हो गया पटाक्षेप, परिजनों ने पुलिस को लिख कर दे दिया कि युवक पहले से था बीमार
Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुलनगर के रहने वाले युवक जीत महतो की पुलिस हिरासत में मौत (Jamshedpur Custodial Death) के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस गंभीर रूप से बीमार होने के बाद भी पूछताछ के लिए युवक को जबरन थाने (Jamshedpur Custodial Death) ले गई। युवक थाने पर रहा और उसका इलाज नहीं हो सका। इस दौरान उसे दवा नहीं मिल पाई। इससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि रविवार को पुलिस ने छापेमारी कर जीत महतो को घर से हिरासत में लिया था। उस समय वह पहले से ही बीमार था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। युवक पर आरोप था कि उसने चोरी का एक मोबाइल फोन 500 रुपये में खरीदा था। परिजनों का कहना है कि जीत महतो को करीब 48 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया।
हिरासत के दौरान ही उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे पुलिस उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंची और इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। लेकिन जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
युवक की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर जान-बूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। थाना प्रभारी का कहना है कि युवक को चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ के दौरान ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल भेजा गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
घटना के बाद गोकुलनगर और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। ग्रामीणों और परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।
वहीं, सूत्रों की मानें तो गुरुवार की देर शाम तक मामले में पुलिस ने परिजनों से लिखवा लिया है कि युवक पहले से ही बीमार था और इसी बीमारी के कारण उसने दम तोड़ा है। इसलिए, अब मामले में जांच नहीं होगी, ऐसा कहा जा रहा है।




