NewsBee : ( Iran- America Tension) रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिका को आगाह किया है कि यदि उसने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, तो इसके परिणाम पूरे क्षेत्र के लिए catastrophic (विनाशकारी) हो सकते हैं। (Iran-America Tension)
रयाबकोव ने यह बयान एक इंटरव्यू के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर बमबारी की धमकी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकियां और अल्टीमेटम तनाव को बढ़ाएंगे और Iran nuclear deal को और जटिल बना देंगे। उन्होंने कहा, “हम ऐसी धमकियों की कड़ी निंदा करते हैं। यह अमेरिका की ईरान पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश है।”
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Iran-America Tension : ट्रंप की धमकी और ईरान का जवाब

Iran-America Tension : ट्रंप दे रहे लगातार धमकी
शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान नई परमाणु संधि (New Deal) पर सहमत नहीं हुआ तो उसे bomb किया जाएगा। उन्होंने secondary tariffs (द्वितीयक प्रतिबंध) लगाने की भी धमकी दी।
ईरान ने ट्रंप की धमकी को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ करार देते हुए कड़ी निंदा की है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने 21 मार्च को कहा था कि “अमेरिकी धमकियों का कोई असर नहीं होगा। यदि उन्होंने कोई गलत कदम उठाया तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।”उन्होंने ट्रंप की negotiation strategy को भी खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका केवल दुनिया को धोखा देने की कोशिश कर रहा है।
Iran- America Tension : ट्रंप का पत्र और ईरान का रुख
7 मार्च को ट्रंप ने ईरान को पत्र भेजकर nuclear talks (परमाणु वार्ता) की अपील की और हमले की धमकी दी। यह पत्र 12 मार्च को UAE के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश के जरिए तेहरान पहुंचा। 27 मार्च को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने बताया कि ट्रंप के पत्र का जवाब ओमान के जरिए भेज दिया गया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 31 मार्च को कहा कि “हमने जवाब में यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमेरिका अपने रुख में बदलाव करता है, तो अप्रत्यक्ष वार्ता संभव हो सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि आगे की वार्ता अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगी।
रूस का समाधान देने का प्रस्ताव
रयाबकोव ने कहा कि अभी negotiation window (वार्ता का अवसर) खुला है और रूस इस मुद्दे को हल करने में Washington-Tehran के बीच मध्यस्थता करने को तैयार है। उन्होंने कहा, “अभी भी वक्त है, ताकि यह मुद्दा शांति से सुलझाया जा सके।” रूस ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान के nuclear infrastructure पर हमला होता है, तो पूरे Middle East में अस्थिरता फैल जाएगी और इसके परिणाम गंभीर होंगे।