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कोलकाता से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली पहुंचे हैं चंपई, बंगाल के बड़े भाजपा नेता से की थी मुलाकात

जमशेदपुर : झारखंड में राजनीतिक हालात पल-पल बदल रहे हैं। भाजपा की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव कराने से पहले झामुमो सरकार गिरा दी जाए और उसके बाद राष्ट्रपति शासन में चुनाव संपन्न कराए जाएं। इसे लेकर चर्चा तेज है। बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली में वह अमित शाह से मिलेंगे। कहा जा रहा है कि चंपई सीधे कोलकाता पहुंचे थे। कोलकाता में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और फिर वहां से फ्लाइट के जरिए दिल्ली रवाना हुए हैं। गौरतलब है कि भाजपा झामुमो को लगातार तोड़ती रही है। भाजपा में मौजूद अधिकांश आदिवासी नेता झामुमो से ही वहां पहुंचे हैं। जेएमएम में यह अब तक की सबसे बड़ी टूट मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि भाजपा ने चंपई सोरेन पर पहले ही डोरे डाल दिए थे। हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद अगर कल्पना सोरेन मुख्यमंत्री बनतीं तभी चंपई सोरेन बगावत का झंडा बुलंद कर देते और परिवारवाद की आड़ में सारा इल्जाम हेमंत सोरेन के माथे पर मढ़ने की योजना थी। इस योजना को हेमंत सोरेन ने भी भांप लिया था। इसीलिए चंपई सोरेन को ही मुख्यमंत्री बनाया गया। ताकि झामुमो में टूट रोकी जा सके। लोकसभा चुनाव में भी झामुमो के नेताओं के साथ मिलकर बीजेपी ने खेल किया। कई सीटों पर यह खेल उजागर हुआ। हालांकि संथाल और आदिवासी बहुल एरिया की कई सीटों पर झामुमो के कैडर की वजह से भाजपा खेल नहीं कर सकी। क्योंकि वहां शिबू सोरेन के करीबी माने जाने वाले नेता इसके लिए तैयार नहीं हुए थे। लेकिन, जमशेदपुर संसदीय सीट पर बराबर यह चर्चा चलती थी कि भाजपा ने सारा गेम सेट कर लिया है। पूर्वी सिंहभूम के कई विधायकों के भाजपा के साथ संपर्क में होने की चर्चा थी। चुनाव में झामुमो को हार का मुंह देखना पड़ा था। तब इस चर्चा को बल मिला था। बताते हैं कि हेमंत सोरेन ने भाजपा के संपर्क होने की भनक लगने के बाद ही चंपई सोरेन को कुर्सी से चलता किया और खुद कुर्सी संभाली। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चंपई सोरेन के भाजपा में जाने से झामुमो पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि झामुमो के कैडर और वोटरों के दिलो दिमाग पर शिबू सोरेन का चेहरा है। वह शिबू सोरेन को देखकर ही वोट देते हैं। हां यह है कि झामुमो छोड़ने पर चंपई सोरेन की सियासत पर असर पड़ेगा। इसके पहले देखा जा चुका है कि झामुमो छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाली सीता सोरेन और गीता कोड़ा का क्या सियासी हाल हुआ। कहा जा रहा है कि चंपई सोरेन के कुछ विधायकों को लेकर भाजपा में शामिल होने का सीधा फायदा झामुमो को मिलेगा। जनता समझ जाएगी कि भाजपा साजिश की पार्टी है। जैसा कि पहले से ही हेमंत सोरेन कहते रहे हैं कि जब से आदिवासी सरकार बनी है। तब से भाजपा साजिश रच रही है। कहा जा रहा है कि भाजपा ने चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री पद का लालच दिया है। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि यही लालच कई वरिष्ठ नेताओं को दिया गया है। अब देखना यह है कि झारखंड में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है। सभी की निगाहें लगी हैं कि सरकार का क्या होता है।

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